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Mr.Obama & mrs.obama at cafe

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  Mr.Obama & mrs.obama at cafe आप ओर में ओबामा जो की अमेरिका के पूर्व प्रेज़िडेंट रह चुके हैं उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं ।    एक बार मिस्टर ओबामा अपनी पत्नी ओर मिसेज़ मीशेलओबामा के साथ साम को एक रेस्टोरंट में डिनर के लिए गए।जब रेस्टरंट के मालिक को पता चला के मिस्टर ओर मिशेज ओबामा उनके रेस्टरंट मे डिनर के लिए आय हैं तो वो स्वयं उनकी सेवा में जुट गया। रेस्टरंट के मालिक ने बहोत अच्छे से उनका स्वागत ओर अभिवादन किया।उनको स्पेशल टेबल पर बिठाया ओर स्वयं  खाने का ऑर्डर लेने लगा।ऑर्डर लेने के बाद मालिक टेबल के पास आया ओर उनसे एक रिक्वेस्ट किया।    मालिक बोला ‘ मिस्टर ओबामा में आप ओर मिसेज ओबामा का सम्मान करता हूँ। अगर आप को कोई तकलीफ़ न होतों में मिसेज मीशेल ओबामा से थोड़ी देर अकेले में बात कर सकता हूँ।’ओबामा ने कहा “क्यों नहीं आप आराम से बात कीजिए। ओबामा भी सोच में पड गाईं की ऐसे क्या बात हो सकती हैं ?मीशेल ओबामा ओर रेस्टरंट के मालिक ने कुछ देर अकेले में बात की ओर थोड़ी देर बाद मीशेल ओबामा टेबल पर आके बैठ गई। ओबामा: ओबामा ने आश्चर्य मीशेल से पूछा ...

चमच ओर दो बूँद तेल से सुख का रहश्य (Inspirational stories)

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  चमच ओर दो बूँद तेल से सुख का रहश्य सालों पहले की बात हैं एक व्यापारी ने अपने बेटे जय (काल्पनिक नाम) को सुख ओर आनंद का महत्व जानने के लिए एक विद्वान के पास भेजा विद्वान का निवास रेगिस्तान में था। जय रेगिस्तान में चालीस दिन तक उस विद्वान के स्थान की खोज करता रहा।आखीर में उसे पता मिल गया विद्वान रेगिस्तान में एक पहाड़ की चोटी पर बने सुंदर भवन में रहता था।जय उस भवन मे उत्साहित होके प्रवेश करता हैं।     जब हमारी कहानी का किरदार भवन के मुख्य कक्ष में पहूचा तब उसे वो साधु के दर्शन नहीं हुए जिस की तलाश में वो आया था बल्कि वहाँ पे बहुत चहल-पहल हो रही थी। व्यापारी ओर बाक़ी सब लोग एक दूसरे से भिन्नभिन्न समुह बना के बात-चीत कर रहे थे। कक्ष में मंद मंद संगीत की धुन फैलीं  हुई थी। बीच में एक टेबल था जिस पर स्वादिष्ट आहार रखा हुवा था। बाद मे जय को पता चला कि साधुमहाराज अतिथीयो से बात करने में व्यस्त थे।दो घंटे के बाद जय की साधुमहाराज से मुलाक़ात हुई। विद्वान बहुत चतुर थे।उन्होंने जय के वहाँ पे आने का कारण जान लिया साधु महाराज बोले “ जय अभी तो मेरे पास वो रहश्य कहने का...

सुश्रुत कौन थे ? Who is maharshi sushruta in Hindi (Father of surgery)

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  सुश्रुत कौन थे ? Who is maharshi sushruta in Hindi (Father of surgery) प्रस्तावना: हमें यह कहते हुए गर्व होता हैं की हम उस देश के वतनी हे जिसने दुनिया के देशों को विश्वशांति ओर मानवता के मूल्यों से परिचित करवाया हैं। हमने विश्व को शून्य (0-zero), पाई [π-Pai(value:3.14)] गणितिक अवयव यहातक की चेस (chess-game) भी भारत की दी हुई सोगात हे। हमें आर्यभट्ट,रामानुज जैसे गणितशास्त्रीसी.वी.रामन ,स्वामीनाथन जैसे वेज्ञानिकि का अनूठा योगदान हमेशा याद रहेगा | kuldip.Y.Detroja 1.परिचय:      महर्षि सुश्रुत प्राचीन भारत के महान आयुवेद के ज्ञानी ओर शल्यचिकित्सक थे। सुश्रुत ने धन्वन्तरि ऋषि से शिक्षा प्राप्त की थी।     जन्म : सुश्रुत का जन्म 600 ई.सदी पूर्व[600 BCE] मे विश्वामित्र के कुल मे हुआ था। सुश्रुत शलिहोत्र के पुत्र थे। आज विश्व के समुदाय उन्हें शल्याचिकितश्या के पिता (father of surgery) के नाम से सम्मान देते हैं । तदुपरांत सुश्रुत शल्यचिकितश्या,नेत्रमणि का पुनःस्थापन , प्लास्टिक सर्जरी मे निपुण थे । 2. शल्यचिकित्शा की कार्यशैली: आच...